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कीमतों में रिकवरी से मेटल स्टॉक्स में आई बढ़त, क्या हो निवेश रणनीति

काफी समय से सुस्त रहे मेटल सेक्टर में कुछ समय से बढ़त देखने को मिल रही है। इस दौरान मेटल कीमतों में बढ़त से स्टॉक पर पॉजिटिव असर रहा है।. हालांकि मांग को लेकर जारी अनिश्चितता की वजह से मेटल स्टॉक्स में दबाव की आशंकाए खत्म नहीं हुई हैं जानिए मेटल सेक्टर को लेकर क्या हो निवेश रणनीति.

साल में दोगुना तक बढ़े स्टॉक्स
पिछले एक साल के दौरान मेटल स्टॉक्स में दोगुना तक बढ़त देखने को मिली है। एक साल के दौरान एनएसई पर मेटल सेक्टर इंडेक्स 6 फीसदी गिरा है। हालांकि इसी अवधि में इंडेक्स में शामिल 15 स्टॉक्स में से 10 स्टॉक्स ने निवेशकों को पॉजिटिव रिटर्न दिया है। इस दौरान वेदांता 114 फीसदी तक बढ़ा है। वहीं हिंडाल्को में 92 फीसदी और जेएसडब्लू में 93 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। वहीं टाटा स्टील में 72 फीसदी, हिंदुस्तान जिंक में 69 फीसदी और नाल्को में 36 फीसदी की बढ़त रही है। साल के दौरान वैल्सपन कॉर्प 40 फीसदी और स्टील अथॉरिटी में 9 फीसदी की गिरावट रही है।.

मेटल कीमतों में जारी तेजी
साल 2016 के पहले 6 महीनों के दौरान मेटल कीमतों में बढ़त देखने को मिली है। 4 बेस मेटल पर आधारित डीबी बेस मेटल्स ईटीएफ हाल ही में 14 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा है। पिछले कुछ समय में सबसे ज्यादा बढ़त जिंक, लेड और टिन में देखने को मिली है। जिंक की कीमतों में इस साल अब तक 40 फीसदी की बढ़त थी। कारोबारियों के मुताबिक ओपेक द्वारा तेल कीमतों में बढ़त से मेटल कीमतो को सहारा मिला है। एनर्जी कीमतों में बढ़त से मेटल की प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ जाती है। खास तौर पर एल्युमीनियम जैसे प्रोडक्ट की कीमत में उछाल देखने को मिलता है। क्योंकि ये एनर्जी इनटेंसिव प्रोडेक्ट है यानि इनके उत्पादन में एनर्जी का इस्तेमाल काफी होता है।

मेटल कीमतों पर बना रहेगा दबाव
केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक मेटल सेक्टर में जो भी बढ़त देखने वो इक्वेशन बेस्ड है। यानि जिन मेटल में माइंस बंद होने या किसी और वजह से प्रोडक्शन में कमी है उनकी कीमतों में बढ़त देखने को मिली है। हालांकि डिमांड को लेकर अभी भी संकेत कमजोर बने हुए हैं। अजय केडिया के मुताबिक अगर कीमतें प्रॉफिट के स्तर पर पहुंचती हैं तो चीन अपनी बंद माइंस में कम फिर शुरू कर सकता है, जिससे कीमतों पर दबाव फिर बढ़ जाएगा। इसी संकेत को देखते हुए मेटल कीमते एक सीमा से ज्यादा बढ़ने की संभावना कम है।

क्या हो स्टॉक्स में निवेश की रणनीति
ट्रेड स्विफ्ट के संदीप जैन के मुताबिक मेटल सेक्टर 8 साल की साइकिल से बाहर निकल गए हैं। वहीं स्टॉक्स की कीमते भी अपने निचले स्तरों से ऊपर स्थिर होने में कामयाब रही हैं। सरकार द्वारा पॉलिसी का भी सेक्टर को आने वाले समय में फायदा देखने को मिल सकता है। सरकार ने हाल ही में 66 प्रोडक्ट्स पर अगले मिनिमम इंपोर्ट प्राइस की समयसीमा 2 महीने के बढ़ा दी है। वहीं सरकार एल्युमीनियम सेक्टर के लिए पॉजिटिव कदम उठा सकती है।.

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