SEBI Registration No - INA000003197 Investment in stock and commodity market are subject to market risk. Please do not trade on those tips which are not provided through SMS.

Blog

market Update

टेलिकॉम स्टॉक्स में है तेजी, इन्वेस्ट करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

टेलिकॉम स्टॉक्स में पिछले कुछ दिनों से तेजी बनी हुई है। इन्वेस्टर प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं। ऐसे में इन स्टॉक्स में आपको इन्वेस्टमेंट करने से पहले सतर्क रहना चाहिए।. एक्सपर्ट्स का मानना है कि टेलिकॉम सेक्टर में कंपनियों के मर्जर और जियो के नए प्लान के एलान के बाद शॉर्ट टर्म के लिए तेजी है। उनका कहना है कि जियो की चुनॉती से निपटने का दबाव टेलिकॉम कंपनियों पर अगले 5-6 महीनों तक दिखेगा। इससे कंपनियों के प्रॉफिट पर असर हो सकता है। इसे देखते हुए इन्वेस्टर्स फ्रंटलाइन स्टॉक्स के लिए लॉन्ग टर्म के लिए ही स्ट्रैटेजी बनाएं।.

अभी टेलिकॉम सेक्टर पर रहेगा दबाव
फॉर्च्युन फिस्कल लिमिटेड के जगदीश ठक्कर का कहना है कि टेलिकॉम कंपनियों के स्टॉक में फंडामेंटल बदलाव की वजह से तेजी नहीं आई है। गुरूवार को भारती एयरटेल और टेलीनॉर और टेलीनॉर के मर्जर की खबर से एयरटेल के स्टॉक में तेजी दिखी। वहीं, जियो के नए टैरिफ प्लान के एलान से आरआईएल के शेयर चढ़ गए। लेकिन, आगे जियो के नए टैरिफ प्लान के एलान से आरआईएल के शेयर चढ़ गए। लेकिन, आगे जियो की चुनौती से निपटने के लिए दूसरी बड़ी टेलिकॉम कंपनियों पर दबाव रहेगा।

रिलायंस जियो ने दिखाई प्रॉफिट बुकिंग की राह
बता दें कि रिलायंस जियो के टैरिफ प्लान के एलान के बाद बुधवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) का स्टॉक्स 10 फीसदी की तेजी के साथ 8 साल के टॉप पर पहुंच गया। एक दिन में कंपनी की मार्केट कैप में करीब 38731 करोड़ रुपए की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। लेकिन, अगले दिन प्रॉफिट बुकिंग से स्टॉक 2 फीसदी टूट गया। आगे दूसरे फ्रंटलाइन शेयर्स में भी प्रॉफिट बुकिंग देखी जा सकती है।

क्यों रहेगा इंडस्ट्री पर दबाव
स्टैलियनएसेटडॉटकॉम के सीआईओ अमित जेसवानी का कहना है कि एयरटेल और टेलीनॉर मर्जर की डील 7 हजार करोड़ की है, लेकिन अभी एयरटेल ने यह नहीं बताया है कि यह पैसा कहां से आएगा। वहीं, जियो के टैरिफ प्लान के एलान के बाद से प्राइसिंग और कस्टमर बेस को लेकर अनसर्टेनिटी नहीं रही, एवरेज रेवेन्यू पर यूजर की भी जानकारी मिल गई है। लेकिन आगे इस टैरिफ प्लान की वजह से जियो के अलावा दूसरी टॉप 3 टेलीकॉम कंपनियों को अपने 9-10 फीसदी प्रीमियम ग्राहकों से हाथ धोना पड़ सकता सकता है। इन कंपनियों को आमतौर पर ऐसे ग्राहकों से 50 फीसदी तक रेवेन्यू मिल रहा है। टैरिफ वार आगे भी देखने को मिलेगा, वहीं जियो की चुनौती से निपटने के लिए दूसरी कंपनियों को और खर्च बढ़ाना पड़ेगा।.

लॉन्ग टर्म में स्टेबल होगा मार्केट
वीएम फाइनेंस के रिसर्च हेड विवेक मित्तल का कहना है कि इंडस्ट्री में कंसोलिडेशन का दौर शुरू हो रहा है। आगे देश में 12 की जगह 4 या 5 कंपनियां में रह जाएगा। इसका फायदा सभी कंपनियों को होगा। सबके मार्केट शेयर बढ़ेंगे। हालांकि इसमें अभी सालभर से ज्यादा का समय लग सकता है, जिसके बाद मार्केट स्टेबल होगा। ऐसे में लॉन्ग टर्म में इन्वेस्टमेंट अच्छा मुनाफा दिला सकता है।

हमारे एक्सपर्ट की एडवाइस जानने के लिए अपना नंबर तुरंत रजिस्टर करे और ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाए शेयर बाजार से